प्रकृति कितना महत्वपूर्ण संदेश देती है,*""संसार में दो प्रकार के पेड़ पौधे होते हैं""*
जीवन की बेशकीमती स्नेह सौहार्द की दौलत सौपने वाले सभी सुहृदजनो का भाव- स्पंदित हृदय से हजारो हज़ार नतशीश साधुवाद सहित शुभमंगल रात्रि। दोस्तों , *""संसार में दो प्रकार के पेड़ पौधे होते हैं""* प्रथम - अपना फल स्वयं दे देते हैं... जैसे - आम, अमरुद, केला, सेव इत्यादि... द्वितीय - अपना फल छिपाकर रखते हैं... जैसे - आलू, अदरक, प्याज, मूली इत्यादि... जो पेड़ फल अपने आप दे देते हैं, उन वृक्षों को सभी खाद - पानी देकर सुरक्षित रखते हैं, और ऐसे वृक्ष फिर से फल देने के लिए तैयार हो जाते हैं। किन्तु जो अपना फल छिपाकर रखते है, वे जड़ सहित खोद लिए जाते हैं, उनका वजूद ही खत्म हो जाता हैं। ठीक इसी प्रकार - जो व्यक्ति अपनी विद्या, धन, शक्ति स्वयं ही धार्मिक कार्य मे - समाज सेवा में समाज के उत्थान में लगा देते हैं, उनका सभी ध्यान रखते हैं और वे मान-सम्मान पाते है। वही दूसरी ओर - जो अपनी विद्या, धन, शक्ति स्वार्थवश छिपाकर रखते हैं, किसी की सहायता से मुख मोड़े रखते है, वे जड़ सहित खोद लिए जाते है, अर्थात् समय रहते ही भुला दिये जाते है। ...