दाल चीनी

दालचीनी एक सुगंधित मसाला है जो सिनामोमम नामक पेड़ की भीतरी छाल से प्राप्त होता है. यह मीठे और नमकीन व्यंजनों में उपयोग किया जाता है और इसका उपयोग औषधियों में भी होता है. दालचीनी के दो मुख्य प्रकार हैं - हल्की, मीठी और महंगी सीलोन दालचीनी, और मोटी, तीखी और सस्ती कैसिया दालचीनी.  
स्रोत और उत्पादन
  • दालचीनी का वैज्ञानिक नाम सिनामोमम वेरम है और यह लॉरेल परिवार का एक छोटा सदाबहार वृक्ष है. 
  • छाल: 
    इसकी छाल को सुखाकर दालचीनी तैयार की जाती है. सूखने पर छाल स्वाभाविक रूप से मुड़कर डंडी (कैल) का रूप ले लेती है. 
उपयोग और प्रकार
  • स्वाद और सुगंध: 
    दालचीनी अपने मीठे और सुगंधित स्वाद के लिए प्रसिद्ध है. 
  • खाद्य उपयोग: 
    इसका उपयोग विभिन्न मिठाइयों, पुडिंग और नमकीन व्यंजनों में किया जाता है. 
  • औषधीय उपयोग: 
    प्राचीन काल से इसे खांसी, गले की खराश और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज में इस्तेमाल किया जाता रहा है. 
  • दो प्रकार:
    • सीलोन दालचीनी: यह हल्की, पतली, मीठी और महंगी होती है. 
    • कैसिया दालचीनी: यह मोटी, तीखी और सस्ती होती है. 
स्वास्थ्य लाभ
  • रक्त शर्करा नियंत्रण: 
    दालचीनी शरीर में ग्लूकोज के अवशोषण में सुधार करती है और मधुमेह के प्रबंधन में सहायक हो सकती है. 
  • हृदय स्वास्थ्य: 
    इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करके हृदय रोगों के जोखिम को घटाते हैं. 
  • पाचन में सहायक: 
    यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करती है. 
  • एंटीऑक्सीडेंट गुण: 
    इसमें कई विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जैसे अल्फा-कैरोटीन, बीटा-कैरोटीन और लाइकोपीन. 
सावधानियां
  • दालचीनी गर्म तासीर वाली होती है, इसलिए ज़्यादा सेवन से बचें, खासकर अगर आपका शरीर पहले से ही गर्म प्रकृति का है. 
  • कैसिया दालचीनी का अधिक सेवन हानिकारक हो सकता है, इसलिए जहां तक संभव हो सीलोन दालचीनी का उपयोग करें. 

Comments

Popular posts from this blog

एक कदम स्वास्थ्य की ओर

आखिर 22 -23 साल के युवाओं को गंभीर बीमारी क्यों हो रही है !

कोरोना वायरस से बचने के लिए इम्यूनिटी को बनाएं मजबूत, खानपान में आज से ही शामिल करें ये फूड्स